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जिन्दगी गुलजार है ख्वाब ही हकीकत है हकीकत की उड़ान है | Lekhak Ki Lekhni

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शाम के अंधेरो में डूब जाती हूँ। पर मेरे दिल में कोई ख्याल नही आता, बहुत सोचती हूँ मगर समझ नही पाती, समझ भी जाऊ तो व्यक्त करना नही आता, व्यक्त करू भी कैसे, शब्द नही मिलते, शब्द मिलते है पर, कल्पना नही मिलती है पर कल्पना तो मिल जाती हैं लेकिन रंग नही मिलते हैं रंग मिल भी जाए पर रेखा नही मिलती हैं जिसमें मैं अपनी भावनाओं को चित्रित कर सकू।

खुद में खुशहाली खुशहाल लोग बहुत कुछ कहते हैं। वे दयालु प्रवृत्ति के होते हैं, आशावादी सोच उत्पन्न करने की कोशिश करते हैं, लक्ष्य को पाने का प्रयास करते हैं, और जिंदगी का शुक्रिया अदा करना नही भूलते। पर दुसरों की जिंदगी में होने वाली गतिविधियों का खुद के जीवन पर प्रभाव पड़ने नही देते। अन्य कहां तक पहुंचे, उन्होंने क्या पाया, क्या किया, उनके पास क्या है, अगर इनका फर्क आप खुद पर पड़ने देंगे, तो खुशहाली से थोड़ी दूरी हो जाएगी। इसलिए खुद को याद दिलाते रहना आवश्यक है कि आप ही अपनी मदद कर सकते हैं। दिल को जो सही लगे उसे पूरी शिद्दत से करें। किसी से उम्मीद रखना दुखी होने का पक्का तरीका हैं, क्योंकि उम्मीद कब निर्भरता में बदल जाती हैं, पता ही नही चलता। आपका अधिकार सिर्फ अपने कर्म पर है। जब आप अर्थपूर्ण और महत्वपूर्ण कार्यो में अपनी ऊर्जा लगाएंगे, तो कई बंद दरवाजे खुलते नजर आएंगे। 

खुद को क्यों भूल गए अपनों का ख्याल रखना, उनकी हर जरूरत पूरी करना अच्छा है, लेकिन इसके चक्कर में खुद को भुला बैठना भी नही हैं। आप भी उतने ही अहम हैं जितने परिवार के अन्य सदस्य दूसरों के लिए | कुछ करने में बेशक खुशी मिलेगी, पर स्वंय को नजरअंदाज करने से सुकून नही मिलेगा। दिनचर्या में कोई न कोई ऐसा काम शामिल करें। जो कि आपको ख़ुशी दे या व्यक्तित्व निखार में मददगार होे। हमेशा बीते हुए कल में खोए रहेंगे, तो पूरे उत्साह के साथ जिंदगी के नए अध्याय की इबारत कतई नही लिखे सकेंगे। वर्तमान परेशानियों को दूर के रास्ते ढूंढें, जीवन की अच्छाई को सराहें और हर लम्हें का भरपूर लुप्त उठाएं। दूसरों से उम्मीद रखने के बजाए खुद ही खुद अपनी खुशी तलाशें। वह हर काम करें, जिससें सुकून मिलता है। अंदर से खुश होगें, तो मुस्कान बांटेंगे। अधूरी ख्वाहिशें और उलझने सब जिंदगी का हिस्सा हैं। समस्याओं से भागने की कोशिश करेंगे, तो उनके हल कैसे खोजेंगेा | और जिस पल उनका डटकर सामना करने की हिम्मत जुटा ली समझो काम बन गया। नई चुनौतियों के लिए कोइ भी पहले से तैयार नही होता, लेकिन ऐसे जोखिम उठाने से हिचकिचाना नही चाहिए। जरूरी नही कि सफलता का हर अवसर आपकी सहूलियत के मद्धेनजर ही मिले, पूरी लगन के साथ हर काम करना एक बात है और हर काम को बखूबी कर पाना अलग मुद्दा है। हर क्षेत्र में बहेतर प्रदर्शन करने की कोशिश में बेवजह की थकान को न्योता न दें। बेहतर के प्रयास जारी रखें, पर अपनी कमियों को स्वीकारना भी सीखें। आप कितनी भी कोशिश कर लें, पर हमेशा आप सभी को खुश नही रख सकते। इसलिए न तो वादे करें और न ही आप अपनी क्षमता से ज्यादा करने की कोशिश। जो हैं जैसे हैं वैसे ही रहेंगे तो बेहतर होगा। एक अनुभव सुखद नही रहा तो जरूरी तो नही कि पूरी जिंदगी में कड़वाहट घोल ली जाए और हर नए रिश्तों को संदेह के कठघरे में खड़ा किया जाए। ऐसे वाकयों से उबर पाना आसान नही होते,

फिर भी बीती बिसार कर आगे बढ़ने का प्रयास करना ही चाहिए। अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी परिस्थितियों या अन्य व्यक्तियों पर डालने के बजाए खुद लेना सीखें। मनचाहा लक्ष्य नही मिला, तो अपनी तैयारी में रह गई कमियों को तलाशें और दोबारा कोशिश करें आखिर अपने सपने साकार करने के साथर्क प्रयास तो आपको खुद ही करने होगें। अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी परिस्थतियों या अन्य व्यक्तियों पर डालने के बजाए खुद लेना सीखें। 

एक प्यारी मुस्कान घोले जीवन में खुशहाली

आज की भागती दौड़ती जिंदगी में बहुत कम चेहरों पर हंसी या मुस्कान देखने को मिलती है।अधिकतर सूरतों पर उदासी और तनाव के बादल ही नजर आते हैं। खुश रहने की, हंसने मुस्कुराने की ख्वाहिश हर दिल में होती है। ऐसा होना भी चाहिए, क्योंकि एक प्यारी मुस्कान खुद के साथ साथ दूसरों को भी ख़ुशी देती है। हंसी और मुस्कुराहट मन के नकारात्मक भावों को दूर कर देती है। हमारे मन में सकारात्मक भावों को पैदा करती है। मुस्कान हमारे और दूसरे व्यक्ति के मन का द्वेष समाप्त कर देती हैं। परायों को भी अपना बना लेती है। इसलिए हम सहजता से उस व्यक्ति को भी अपना लेते हैं, जिसने कभी हमारे मन को चोट पंहुचाई होती है।


आपकी 
सुनीता यादव 


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